Responsive Ad Code Here

Header Ads

Wednesday, May 13, 2020

पानी पीने का सही तरीका | 21 दिन इस तरह पनी पियो शरीर में जो होगा हैरान रह जाओगे

पानी पीने  water का सही तरीका   21 दिन इस तरह पनी पियो शरीर में जो होगा हैरान रह जाओगे

 

पानी पीने  water का सही तरीका   21 दिन इस तरह पनी पियो शरीर में जो होगा हैरान रह जाओगे

 

दोस्तो हममें से अक्सर लोग पानी को इतना साधारण समझते हैं कि हमें ऐसा लगता है कि हम जब चाहें जैसे चाहें और जितनी मात्रा में चाहे पानी पी सकते हैं लेकिन हमारा ऐसा सोचना बिल्कुल भी गलत है कि कि पानी देखने में जितना साधारण लगता है ये हमारे शरीर के सभी अंगों को ठीक तरह से काम करने और शरीर में बनने वाले जहरीले पदार्थ को बाहर निकालने के लिए उतना ही ज़रूरी होता है। पेट शेली का तो यह तक और वजन बढ़ाने से लेकर वजन घटाने तक पानी एक बहुत बड़ा रोल प्ले करता है। इसलिए पानी की सही मात्रा इसके पीने का सही समय और पानी को किस तरह से पीने से क्या क्या फायदे और क्या क्या नुकसान होते हैं अगर इस बारे में जानकारी हो तो व्यक्ति चाहे जितनी भी अच्छी से अच्छी चीज खा लें उसका सही फायदा शरीर को मिल ही नहीं पाता जिसकी वजह से भविष्य में बहुत सारी हेल्थ प्रॉब्लम को फेस करना पड़ता है जैसे कि अपचन कब्ज गैस लीवर की कमजोरी सुस्ती आना गुर्दे की पथरी रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम हो जाना बार बार बीमार पड़ना स्किन एलर्जी दाद खुजली चेहरे पर पिम्पल्स असरदार धब्बे का होना व्हाइट हेड्स ब्लैक हेड्स स्किन का बहुत जगह ऑयली या बहुत ज्यादा ड्राई होना।

 

खाया पिया शरीर करना लगना जोड़ों में दर्द होना शरीर की अनचाही जगहों पर चर्बी का जमना सिरदर्द और चक्कर आना वजन बढ़ाने या घटाने में दिक्कत महसूस करना बालों का झड़ना और रातों को नींद आना जैसी कई बीमारी श्री पानी की गलत मात्रा में और गलत तरीके से पीने से हो सकती हैं। इसलिए आज ही इस विडियो में हम जानेंगे कि पानी हमारे लिए इतना जरूरी क्यों है और इसका हमारे शरीर में क्या काम होता है। एक दिन में कम से कम और ज्यादा से ज्यादा कितना पानी पिया जा सकता है। अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए तो उसे किस तरह से पता लगाया जा सकता हैं। एक बार में कितने ग्लास पानी पीना चाहिए और किस तरह पीना चाहिए। पानी कब का पीना चाहिए और कब कब नहीं पीना चाहिए यानि पानी पीने का सही समय क्या है किस तरह का पानी होना चाहिए यानि ठंडा या गर्म या फिर नॉर्मल और पानी वजन घटाने और बढ़ाने में किस तरह से मदद करता है शुरू करते हैं कि आखिर हमारे शरीर के लिए पानी इतना ज़रूरी क्यों है।

 

दूसरा हमारे शरीर में 60 से 70 प्रतिशत पानी होता है और हमारे द्वारा किए गए पानी का इस्तेमाल हमारे इंटरनल ऑर्गन जैसे कि किडनी लिवर फेफड़े पाचन तंत्र और लगभग शरीर के सभी हिस्सों को ठीक तरह से काम करने और सबसे ज़्यादा हमारे शरीर की कोशिकाओं को जिंदा रखने में होता है। अब सवाल ये उठता है कि दिनभर में कम से कम और ज्यादा से ज्यादा कितना पानी पिया जा सकता है और अगर आपके शरीर में पानी की कमी हो गई है तो उसे किस तरह से पता लगाया जा सकता है। दूसरे शरीर में पानी की कमी होते ही पेशाब का रंग पीला पड़ जाता है। पाचन शक्ति कमजोर होने लगती है चेहरे और शरीर की स्किन धीरे धीरे रूखी बेजान और ढीली पड़ने लगती है और अगर शुरू में ही पानी के पीने के सही तरीके पर ध्यान दिया जाए तो ये लक्षण भविष्य में गंभीर बीमारी का रूप भी ले सकते हैं। इसलिए हर दिन एक नियमित मात्रा में पानी का पीना बहुत जरूरी होता है। अब बात आती है कि दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए और पानी किस तरह का होना चाहिए यानि गर्म या ठंडा या फिर नॉर्मल। दोस्तो उसके लिए हमें ये जानना होगा कि पानी में क्या क्या होता है और ये कौन कौन सी प्रॉब्लम में फायदा पहुंचाता है। तो पानी में जीरो कैलरीज होने के बावजूद ये हमारे शरीर को हाइड्रेट करके शरीर से जहरीले पदार्थ को बाहर निकालने में बहुत मदद करते हैं। स्किन को साफ रखता है दिमागी ताकत पाचन क्रिया आंख हड्डी और लगभग हमारे शरीर के सभी अंगों को ठीक तरह से काम करते रहने में बहुत मदद करता है इसलिए हमारे लिए पानी इतना जरूरी होता है कि चाहे खाए बिना कोई व्यक्ति लंबे समय तक रह लें लेकिन पानी के बिना कुछ दिन भी जीवित रह पाना संभव नहीं है क्योंकि मल पसीना पेशाब और सांस लेने की प्रक्रिया में लगभग 2 लीटर पानी हमारे शरीर से हर दिन बाहर निकल जाता है जिसे रीस्टोर करना बहुत जरूरी होता है। वैसे तो किसी भी व्यक्ति को दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए ये उस व्यक्ति की सेहत को जहां रहता है उस जगह का मौसम उसके वजन और उसकी फिजिकल एक्टिविटी पर निर्भर करता है। लेकिन एक सामान्य व्यक्ति को दिनभर में ढाई से तीन लीटर पानी जरूर पीना चाहिए जो कि एक एवरेज साइज के ग्लास से 7 से 12 ग्लास होते हैं और गर्मी के मौसम में उनके ज्यादा पसीना निकलते हैं इसलिए पानी की थोड़ी मात्रा भी बढ़ाई जा सकती है और जो लोग एक्सरसाइज करते हैं उन्हें भी आम लोगों के मुकाबले थोड़ी ज्यादा मात्रा में पानी पीना चाहिए क्योंकि उनके शरीर में पानी की खपत ज्यादा मात्रा में होती है। अब यह भी सवाल ये उठता है कि क्या जरूरत से ज्यादा पानी पी लेने पर शरीर को कोई नुकसान भी हो सकते हैं। तो इसके जवाब बहुत ही सिंपल है कि कोई भी चीज बहुत ज्यादा नुकसान देती है। ज्यादा मात्रा में पानी पीने से हमारी किडनी का काम बढ़ जाता है और खून में सोडियम की लेवल कम होने के चांसेस पहुंच ज्यादा रहते हैं लेकिन ऐसा बहुत ही कम होता है क्योंकि अक्सर लोग उतना भी पानी नहीं पी पाते जितना कि पानी पीने की लिमिट होती है और ऐसा नुकसान तब होता है जब कोई व्यक्ति चार या पांच लीटर से भी सादा पानी पीने एक बार में कितना ग्लास पानी पीना चाहिए और किस तरह से पीना चाहिए। दूसरे कुछ लोगों को लगता है कि पानी को जब चाहें और जैसे चाहे पिया जा सकता है लेकिन ऐसा सोचना बिल्कुल भी सही नहीं। क्योंकि एक ही तरह के पानी को अलग अलग तरीके से पीने से इसका शरीर पर अलग अलग तरह से असर होता है। इसलिए पानी हमेशा बैठ कर और धीरे धीरे पीना चाहिए जैसे कि पानी को मुंह में रखकर 4 से 5 सेकंड के लिए उसे इधर उधर घुमाएं और फिर निकालें। ऐसा करने से हमारे मुंह में मौजूद लाल जो कि अल्का क्लीन होती है पेट में जाकर पेट की एसिडिक प्रोपर्टीज को शांत करता है जिससे की पाचन शक्ति को बढ़ाने में बहुत मदद मिलती है। जबकि खड़े होकर। यदि पानी पीने से हमारा किडनी उसे ठीक तरह से फिल्टर नहीं कर पाता और मुंह से हटा कर बॉटल से पानी पीने से पानी के साथ साथ बाहर मौजूद बहुत सारी गैस भी हमारे शरीर में प्रवेश कर जाती है जिससे कि भविष्य में जोड़ो में दर्द शुरू होने के चांसेज बहुत ज्यादा रहते हैं। इसलिए पानी हमेशा बैठ कर धीरे धीरे तीन से चार साँसों में ही पीना चाहिए और एक बार में एक या डेढ़ ग्लास या फिर जितनी प्यास हो उतना ही पानी पीना चाहिए क्योंकि एक ही बार में बहुत ज्यादा पानी पी लेने से हमारी किडनी उसे ठीक तरह से फिल्टर नहीं कर पाती और पानी हमारे शरीर में इस्तेमाल हुए बिना ही पेशाब के जरिये शरीर से बाहर निकल जाता है। पानी गर्म ठंडा या फिर नार्मल होना चाहिए। दोस्तो कोई भी बहुत ज्यादा ठंडी चीज हम खाते या पीते हैं तो हमारा शरीर पहले उसे कम करता है और फिर काम में लेता है। पानी के साथ भी कुछ ऐसा ही होता है जब हम फ्रिज में रखा ठंडा पानी पी लेते हैं तो वो हमारे पेट में पहले गर्म होता है फिर काम में आता है जब तक कि इस प्रोसेस में बहुत सारी एनर्जी वेस्ट हो जाती है और हमारे शरीर को भी इस पानी को इस्तेमाल में लाने के लिए तब तक इन्तजार करना पड़ता है जब तक कि पानी पेट में गर्म नहीं हो जाता और साथ ही साथ ठंडा पानी हमारे द्वारा खाए गए खाने को बहुत ज्यादा सख्त बना देता है जिससे की पाचन क्रिया बहुत धीमी पड़ जाती है और कब्ज होने के चांसेस बहुत ज्यादा हो जाते हैं। इसलिए पानी हमेशा ही नॉर्मल या फिर हल्का गर्म ही पीना चाहिए क्योंकि हल्का गर्म पानी को हमारा शरीर तुरंत काम में लेता है और हमारे द्वारा खाए गए खाने को तोड़ने में भी हल्का गर्म पानी बहुत मदद करता है जिसे पाचन शक्ति बढ़ती है और पेट भी खुल कर साफ होता है। पानी कब कब पीना चाहिए और कब कब नहीं पीना चाहिए। दोस्तो ये ऐसी बातें हैं जहां अक्सर लोग गलती करते हैं और बीमारी के शिकार हो जाते हैं। पानी का पीना चाहिए इससे ज्यादा ये जानना जरुरी है कि पानी कब नहीं पीना चाहिए। इसलिए पहले हम जान लेते हैं कि पानी कब नहीं पीना चाहिए और फिर हम जानेंगे कि पानी का पीना चाहिए। खाना खाने के बाद वैसे तो खाना खाते वक्त पहले या बाद में एक या दो घूंट पानी पीने में कोई बुराई नहीं है बल्कि खाना खाने से पहले एक या दो घूंट पानी पीने से सूखे खाने भी गले से आसानी से उतरते हैं और हिचकी भी नहीं आती। लेकिन यह एक या दो घूंट। कहने का मतलब है कि गला भीगने जितना ही पानी पीना। लेकिन खाना खाने के दौरान पहले या बाद में ग्लास भरकर यह ज्यादा मात्रा में पानी पीना बिल्कुल भी सही नहीं है क्योंकि खाना खाने के तुरंत बाद पानी पी लेने से ये हमारे द्वारा खाए गए खाने को बहुत पतला बना देता हैं और हमारे पेट में पाचक रस भी ठीक से नहीं निकल पाते जिससे पाचन क्रिया बहुत धीमी पड़ जाती है इसलिए पानी हमेशा खाना खाने के 45 मिनट से एक घंटा बाद ही पानी पीना चाहिए। रात को सोने से तुरंत पहले या अचानक नींद खुलने पर पानी पीकर सोना 200 दिन के समय पानी हमारे लिए जितना फायदेमंद होता है उसी तरह रात के समय सादा पानी पीने से नुकसान भी हो सकता है क्योंकि सोते वक्त हमारा शरीर एक्टिव नहीं रहता। जिसे पानी हमारे शरीर में ठीक से इस्तमाल हुए बिना ही किडनी में फिल्टर होने के लिए पहुंच जाता है जहां ये हमारी किडनी को बहुत नुकसान पहुंचाता है और नींद से उठकर बार बार टॉयलेट जाने की भी जरूरत पड़ सकती है। जिससे कि दोबारा नींद आने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसलिए जितना हो सके दिन के टाइम ही पानी की लिमिट को पूरा करने की कोशिश करना चाहिए और साथ ही दो बार पानी पीने के बीच कम से कम 45 मिनट से एक घंटे का गैप जरूर रखना चाहिए क्योंकि जल्दी जल्दी पानी पीते रहने से पानी हमारे शरीर में इस्तेमाल हुए बिना ही पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है और इससे जल्दी जल्दी पेशाब आने की समस्या भी शुरू हो सकती है। इसलिए जब आपको लगे कि आपका पेशाब पीला नहीं है बल्कि पानी की तरह बिल्कुल साफ है तो इसका मतलब होता है कि फिलहाल आपकी बॉडी को पानी की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। इसलिए पेशाब करने के बाद पानी पीने के लिए कम से कम 15 से 20 मिनट का गैप जरूर रखें ताकि हमारी किडनी को रेस्ट लेने के लिए थोड़ा मौका मिल सके। नहीं तो जल्दी यदि पानी पीते रहने से बार बार पेशाब आने और पेशाब को ठीक से रोक पाने की समस्या शुरू हो सकती है। फल खाने के बाद अक्सर फल और ऐसी सब्जी जैसे खीरा टमाटर जैसी चीजों को अगर आप कच्चा खाते हैं तो उसके तुरंत बाद पानी बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए और उसी तरह केला तरबूज अनार संतरे और दूसरे फल खाने के बाद भी तुरंत पानी बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से खाई हुई चीज बहुत सख्त हो जाती है जिससे पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है और कुछ लोगों को सर्दी जुकाम भी हो जाते हैं। साथ ही साथ बहुत ज्यादा गर्म चीजें जैसे कि चाय कॉफी और सूप जैसी चीजों को पीते हैं तब भी आपको तुरंत पानी बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए क्योंकि इन चीजों को पीने के बाद तुरंत पानी पीने से दांतों को और मसूड़ों को नुकसान पहुंचता है। अब हम बात करते हैं कि कब कब पानी पीना चाहिए यानि पानी पीने का सही समय क्या। दोस्तो जिस तरह खाना खाने से पहले प्लेट को धोकर साफ करते हैं फिर खाते हैं उसी तरह हमें हर सुबह कुछ भी खाने या पीने से पहले अपने पेट की सफाई जरुर करनी चाहिए। जिसके लिए पानी से बेहतर और कुछ भी नहीं। सुबह खाली पेट पानी पीने से रात को सोते वक्त पेट में बनने वाले सहरी में पदार्थ की काफी हद तक सफाई हो जाती है। लेकिन जो लोग खाली पेट पानी पिए बिना ही कुछ भी खाते या पीते हैं तो ये बिल्कुल ऐसा ही होजाता है कि जैसे जूठी प्लेट को बिना साफ किए ही उसमें खाना खा लेना। इसलिए एक से दो गिलास पानी सुबह खाली पेट एक एक ग्लास करके पानी दिन के खाना खाने के 45 मिनट या एक घंटा पहले और बाद में पीना चाहिए और उसी। रात के समय पानी कम मात्रा में पीना चाहिए और रात का खाना खाने के दो घंटे बाद पानी की जगह दूध का सेवन करना चाहिए क्योंकि दूध में मौजूद प्रोटीन पूरी रात शरीर को धीरे धीरे एनर्जी प्रदान करते हैं और इसमें मौजूद क्रिस्टोफर नाम का एमिनो एसिड दिमाग को शांत करके अच्छी नींद दिलाने में बहुत मदद करता है। दिन में जब भी आप पानी पीएं तो दो बार पानी पीने के बीच लगभग एक घंटे का अंतराल लगते हुए पानी पीने का खास ख्याल रखें ताकि पूरे दिन में ढाई से तीन लीटर पानी पूरा किया जा सके और अगर आप धूप से होकर आते हैं रनिंग या एक्सरसाइज करते हैं तो उस दौरान एक बार में ग्लास भर के पानी बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए क्योंकि उस वक्त हमारे शरीर का टेम्परेचर हाई रहता है इसलिए उस वक्त ज्यादा मात्रा में पानी पीने से हमारे शरीर को फायदे के बजाय नुकसान हो सकते हैं और एक्सरसाइज या वेट लिफ्टिंग में भी प्रॉब्लम को फेस करना पड़ सकता है। इसलिए एक्सरसाइज के दौरान एक बार में एक चौथाई ग्लास या फिर दो से तीन घूंट पानी ही पीना चाहिए। और फिर जब भी आपको प्यास लगे तो फिर से आप एक चौथाई पानी यानि कि दो से तीन घूंट पानी पीएं। एक्ससाइज खत्म करने के आधे से एक घंटे बाद आप ग्लास पर कर भी पानी पी सकते हैं लेकिन एक्सरसाइज के दौरान थोड़ी थोड़ी मात्रा में पानी पीना चाहिए। पानी के इस तरह से इस्तेमाल करने से हमारी सेहत से जुड़ी लगभग बहुत सी प्रॉब्लम काफी हद तक ठीक हो जाती हैं और साथ ही साथ हमारा पाचन भी ठीक रहता है जिसकी वजह से यहां तक कि वजन बढ़ाने और घटाने में भी बहुत मदद मिलती है कि कि जब तक कि किसी भी व्यक्ति का पाचन ठीक हो। वजन का बढ़ाना या घटाना संभव नहीं है। पानी पीने के इस तरीके को अपनाने के कुछ ही हफ्तों में आपको अपनी सेहत में इनका लाभ बहुत अच्छा सुधार महसूस होने लगेगा तब आप वापस आकर विडियो के नीचे कमेंट करके अपना कीमती फीडबैक देना बिल्कुल भी ना भूलें।

 

No comments:

Post a Comment

Popular Feed

Recent Story

Featured News

Back To Top